सभी रोगों के लिए एक औषधि
इस प्रकृति में बहुत सारी लाभदायक औषधियां है जो भिन्न भिन्न प्रकार की बीमारियों में लाभदायक है| आयुर्वेद में कुछ ऐसी भी औषधियों का वर्णन है जो अकेले ही अनेकों रोगों का उपचार कर सकती हैं| उन्हें औषधियों में से एक औषधि है कलौंजी के बीज| इनको कांदे के बीज भी बोलते हैं| यह बीज काले रंग के होते हैं और बेहद ही छोटे-छोटे दिखाई देते हैं| वैसे तो इसकी तासीर बहुत गर्म होती है लेकिन फिर भी बहुत सारी बीमारियों में यह मृत संजीवनी का काम करती है|
आइए जानते हैं इसके गुणों के भंडार के बारे में.....
1. पागलपन- पागलपन की बीमारी कभी ठीक नहीं होती लेकिन सुबह शाम कलौंजी के बीज से बने काढ़े का सेवन करने से या बीमारी पूरी तरह समाप्त हो सकती है|
2. घाव भरने में लाभदायक- मानव शरीर में घाव होना बहुत ही आम बात है लेकिन कई बार कुछ ऐसे घाव भी हो जाते हैं जो कभी नहीं भरते| महंगी से महंगी दवाओं के प्रयोग के बाद भी उनका ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ता| ऐसे घाव पर कलौंजी के बीज को पीसकर उसका लेप लगाने से फायदा मिलता है और यह घाव पूरी तरह से भर जाते हैं|
3. पैरालिसिस- पैरालिसिस में कलौंजी संजीवनी बूटी का काम करती है| कलौंजी के तेल को पैरालिसिस वाले भाग में लगाने से या मालिश करने से पैरालिसिस ठीक होने लगता है और इसके साथ ही पैरालिसिस के मरीजों को सुबह-शाम इसका सेवन भी करना चाहिए|
4. शुगर- शुगर की बीमारी में कनौजी बहुत लाभदायक है| दो चम्मच कलौंजी को दो गिलास पानी में डालें और इसे तब तक उबालें जब तक पानी आधा गिलास ना रह जाए| उसके पश्चात उस पानी का सेवन करें इससे डायबिटीज की बीमारी वाले मरीजों को लाभ मिलता है और डायबिटीज की समस्या खत्म हो जाती है|
5. दमा- अगर आपको दमा की शिकायत है तो आप सुबह शाम कलौजी के काढ़े का सेवन करें इससे दमा और सांस की सभी बीमारियां खत्म हो जाएंगी
6. थाइरोइड और साइटिका दर्द- सुबह शाम कलौंजी के काढ़े का सेवन करने से यह दोनों बीमारी ठीक हो जाती हैं|
7. घुटने का दर्द- घुटने का दर्द के लिए कलौंजी का तेल बहुत उपयोगी है दर्द वाले स्थान पर कलौजी का तेल लगाने से कुछ ही दिनों में दर्द पूरी तरह ठीक हो जाता है|
8. मुंह के रोगों के लिए फीकोलॉजि बहुत उपयोगी है कलौंजी के काढ़े से कुल्ला करने के पश्चात सुबह शाम उसका सेवन करने से मुंह की सभी प्रकार की बीमारियां दूर हो जाती है|
9. कैंसर की गांठ- वैसे तो कैंसर एक लाइलाज बीमारी है जिसका कहीं कोई इलाज नहीं है लेकिन आयुर्वेद में ऐसी कई औषधियां है जो कैंसर के लिए बहुत उपयोगी है उन्ही में से एक कलौंजी है| अगर किसी को कैंसर की गांठ है तो कलौंजी को पीसकर गाठ वाले स्थान पर उसका लेप लगाएं इससे गांठ गलने लगती है इसके साथ ही सुबह-शाम कलौंजी का काढ़ा भी है यह कैंसर की बीमारी के लिए बहुत उपयोगी है|
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