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हमारा ब्लॉग आयुर्वेद से संबंधित है और हम हर प्रकार की बीमारियों के लिए आयुर्वेदिक सलाह देते हैं| यदि आपको बीमारियों से संबंधित आयुर्वेदिक उपचार की आवश्यकता है तो आप हमारा ब्लॉक फॉलो कर सकते हैं|

योग करने का सही समय कब होता है?

1. सुबह का समय सबसे उपयुक्त होता है 2. खाना खाने के कुछ घंटे बाद ही योग अभ्यास करें 3. योग शुरू करने के पहले खुद को तनावमुक्त और मन को शांत कर लें 4. चुने हुए समय पर ही नियम से योग करें 5. शरीर में आए बदलाव को अनुभव करने के लिए नियमित रूप से योग करें 6. योग का अभ्यास ज़्यादा न करें

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बच्चों के लिए मेडिटेशन के टिप्स



मेडिटेशन मन की शांति के लिए किया जाता है। मेडीटेशन के बहुत फायदे हैं। बच्चे और बड़ों सभी को मेडिटेशन करना चाहिए। सर्दियों में बच्‍चों की सेहत के लिए मेडिटेशन और भी जरूरी हो जाता है।

मेडिटेशन से ना सिर्फ आपका ध्यान आपके काम पर अधिक लगता है बल्कि आपकी कार्यक्षमता भी बढ़ जाती है। जो बच्चे बहुत अधिक चंचल होते हैं उन्हें खासतौर पर मेडिटेशन करवाना चाहिए।

लोगों में भ्रम है कि मेडिटेशन करना बहुत मुश्किल होता है और बच्चों के लिए तो मेडिटेशन करना बहुत मुश्किल हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं आप मेडिटेशन के टिप्स को अपनाकर आराम से मेडिटेशन कर सकते हैं और अपने बच्चों को भी मेडिटेशन करवा सकते हैं।

बच्चों के लिए मेडिटेशन के टिप्स‍
बच्चों को किसी चीज के लिए मनाना और उन्हें नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी होता है। यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा नियंत्रण सीखें और बच्‍चे का दिमागी विकास सही रूप में हो तो आपको इसके लिए कुछ तरकीबें अपनानी होंगी।

चौकड़ी मारकर बैठे- बच्चो को सुबह-सुबह अपने साथ पार्क में ले जाओ या फिर ऐसी जगह जहां बहुत शांति हो। वहां आप चौकड़ी मार कर बैठ जाएं और अपने बच्चे को भी ठीक वैसा ही करने को कहें।

रिलैक्स करवाएं- इसके बाद बच्चे को आंखे बंद करने का निर्देश दें, साथ ही बच्चे को बताए की वह रिलैक्स होकर कमर सीधी करके बैठे और किसी भी चीज के बारे में कुछ ना सोचें।

लंबी सांसे लेने के लिए कहें- बच्चों को मेडिटेशन के फायदे और इसे करने के तरीके के बारे में बताएं। साथ ही बच्चों को धीरे-धीरे लंबी सांसे लेने के लिए कहें।

सॉन्ग चलाएं- आप चाहे तो शुरूआत में रिलैक्सेंशन सॉन्ग भी लगा सकते हैं ताकि बच्चों का इधर उधर ध्या‍न ना भटकें। बच्चों को इसी सॉन्ग पर रिलैक्स होने के लिए कहें।

फोकस करना सीखाएं- बच्चों को समझाएं कि उनके दिमाग में लगातार जो विचार आ-जा रहे हैं उन्हें भूलने की कोशिश करें और अपना ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें ताकि वे मेडीटेशन का फायदा उठा सकें।

कल्पनाएं करने के लिए कहें- हालांकि बच्चे बहुत देर तक एक ही स्थिति में नहीं बैठ पाते लेकिन आप बच्चों को क्लाउड की दुनिया में जाने के लिए कहें और उन्हें कल्पनाएं करने के लिए कहें। जिससे बच्चा मेडिटेशन आराम से कर सकें और उसको मजा भी आए। शुरूआत में ये स्थिति थोड़ी सी मुश्किल होती है लेकिन धीरे-धीरे बच्चों को इसमें मजा आने लगेगा।

उच्चारण करवाएं- यदि आप चाहते हैं कि बच्चों को मेडिटेशन का भरपूर फायदा मिले तो आप बच्चों से ओउम का उच्चारण करवा सकते हैं, इससे बच्चों का ध्यान इधर- उधर नहीं भटकेगा।

मेडिटेशन प्रतिदिन करें- मेडिटेशन का फायदा तभी है जब आप बच्चों को प्रतिदिन मेडिटेशन करने के लिए प्रेरित करें। यदि बच्चे कभी-कभी ही इसे शौक के लिए करेंगे तो इसका उन्हें लाभ नहीं होगा।

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