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भारत की आवाज

हमारा ब्लॉग आयुर्वेद से संबंधित है और हम हर प्रकार की बीमारियों के लिए आयुर्वेदिक सलाह देते हैं| यदि आपको बीमारियों से संबंधित आयुर्वेदिक उपचार की आवश्यकता है तो आप हमारा ब्लॉक फॉलो कर सकते हैं|

योग करने का सही समय कब होता है?

1. सुबह का समय सबसे उपयुक्त होता है 2. खाना खाने के कुछ घंटे बाद ही योग अभ्यास करें 3. योग शुरू करने के पहले खुद को तनावमुक्त और मन को शांत कर लें 4. चुने हुए समय पर ही नियम से योग करें 5. शरीर में आए बदलाव को अनुभव करने के लिए नियमित रूप से योग करें 6. योग का अभ्यास ज़्यादा न करें

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सरदर्द के लिए अचूक "प्राकृतिक चिकित्सा "मात्र पांच मिनट में सरदर्द "गायब"


नाक के दो हिस्से हैं दायाँ स्वर और बायां स्वर जिससे हम सांस लेते और छोड़ते हैं ,पर यह बिलकुल अलग - अलग असर डालते हैं और आप फर्क महसूस कर सकते हैं |

दाहिना नासिका छिद्र "सूर्य" और बायां नासिका छिद्र "चन्द्र" के लक्षण को दर्शाता है या प्रतिनिधित्व करता है |

सरदर्द के दौरान, दाहिने नासिका छिद्र को बंद करें और बाएं से सांस लें |

और बस ! पांच मिनट में आपका सरदर्द "गायब" है ना आसान ?? और यकीन मानिए यह उतना ही प्रभावकारी भी है..
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अगर आप थकान महसूस कर रहे हैं तो बस इसका उल्टा करें...
यानि बायीं नासिका छिद्र को बंद करें और दायें से सांस लें ,और बस ! थोड़ी ही देर में "तरोताजा" महसूस करें |
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दाहिना नासिका छिद्र "गर्म प्रकृति" रखता है और बायां "ठंडी प्रकृति"

अधिकांश महिलाएं बाएं और पुरुष दाहिने नासिका छिद्र से सांस लेते हैं और तदनरूप क्रमशः ठन्डे और गर्म प्रकृति के होते हैं सूर्य और चन्द्रमा की तरह |
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प्रातः काल में उठते समय अगर आप बायीं नासिका छिद्र से सांस लेने में बेहतर महसूस कर रहे हैं तो आपको थकान जैसा महसूस होगा ,तो बस बायीं नासिका छिद्र को बंद करें, दायीं से सांस लेने का प्रयास करें और तरोताजा हो जाएँ |
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अगर आप प्रायः सरदर्द से परेशान रहते हैं तो इसे आजमायें ,दाहिने को बंद कर बायीं नासिका छिद्र से सांस लें बस इसे नियमित रूप से एक महिना करें और स्वास्थ्य लाभ लें |
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तो बस इन्हें आजमाइए और बिना दवाओं के स्वस्थ महसूस करें

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लौकी की सब्जी खाने के बाद इन 2 चीजों को हाथ भी नही लगाना



लौकी एक ऐसी सब्जी है जिसको सभी लोग खाना पसंद करते है। पहले इसे सिर्फ गरीबों की सब्जी ही बोला जाता था लेकिन इसके औषधीय गुणों के कारण आज आमीरों की भी पसंदीदा सब्जी हो गई है। गांवों में आज भी लौकी की बेल लोगों के छप्पर और पेड़ों पर लगे दिख जाते है। मुख्य रूप से यह दो प्रकार की होती है। एक गोलाकार होती है और दूसरी लंबी होती है, लेकिन इन दोनों के स्वाद में कोई अंतर नही होता है। दोनों का स्वाद एक जैसा ही होता है।

लौकी के 96 प्रतिशत भाग में पानी होने की वजह से यह मोटापा कम करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। मोटापे से परेशान लोग इसका बहुत अधिक मात्रा में सेवन करते है। कुछ लोग जल्दी असर पाने के लिए इसकी सब्जी के साथ इसका जूस पीना भी पसंद करते है। अगर आप को जूस का स्वाद पसंद नही है तो आप सिर्फ इसकी सब्जी का भी सेवन कर भरपूर फायदा उठा सकते है। मोटापे के साथ साथ लौकी हमारे बाल, स्किन और सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। लौकी खाने के तुरन्त बाद हमें कुछ चीजों का सेवन बंद करना पड़ता है। नही तो ये हमें नुक्सान भी पहुंचा सकती है।

लौकी का सेवन करने के बाद हमें भूलकर भी चुकंदर का सेवन नही करना चाहीए। इन दोनों की शक्तियां एक दूसरे के विपरित काम करती है। इन दोनों के एक साथ सेवन करने से चेहरे पर दाग धब्बे हो सकते है। इसके अलावा आप के शरीर पर सफेद दाग की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। सफेद दाग एक बहु ही भयंकर बिमारी है जिसका इलाज लगभग नही पाता है।

लौकी के साथ हमें करेले का सेवन भी कभी नही करना चाहीए। इन दोनों का सेवन एक साथ करने से पेट जहर बनने लगता है। जिसकी वजह से हमारे पेट मे दर्द, उल्टी और नाक से बहुत सारा खून भी निकलने लगता है। कभी भूलकर भी इन दोनों का सेवन एक साथ नही करना चाहिए। यदि आप किसी अन्य समस्या से परेशान है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखे, आप की पूरी सहायता की जायेगी।

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इस चीज के उपयोग से त्वचा हो जाएगी रेशम जैसी मुलायम


दोस्तों आज हम सभी बात करेंगे त्वचा को मुलायम और सुंदर कैसे बनाए जाए। अक्सर धूल मिट्टी और बहुत अधिक पसीना होने की वजह से चेहरे या शरीर के अन्य भागों पर खुजली होने लगती है जिसकी वजह से उसी स्थान पर दाग पड़ जाता है। कई बार हम लोग नहाने के बाद शरीर को सूखे कपड़े से ठीक से नहीं पूछते हैं और जल्दबाजी में कपड़े पहन लेते हैं। शरीर का जो हिस्सा गीला था और उसके बाद भी आपने कपड़े पहन लिए उस हिस्से में फंगल इंफेक्शन हो जाता है। उस स्थान पर तेज खुजली होने लगती है और खुजली करने के बाद आप जिस जिस स्थान पर हाथ लगाएंगे वहां वहां आपको फंगल इनफेक्शन बढ़ता चला जायेगा। आज हम आपको एक ऐसी क्रीम के बारे में बताने जा रहे हैं जिस के प्रयोग से आप इन चीजों से छुटकारा पा सकते हैं और अपनी त्वचा को सुंदर और मुलायम बना सकते हैं।

इस क्रीम को आप घर पर बना सकते हैं इसे बनाने के लिए इन चीजों की आवश्यकता होगी।

नीबू रस - 20 ग्राम

हल्दी - 3 चुटकी

एलोवेरा जेल - 10 ग्राम

और थोड़ा सा पपीते का दूध

क्रीम बनाने के लिए आप इन सभी चीजों आपस में अच्छी तरह मिलाना है। जब ये सारी चीजे आपस में अच्छी तरह मिल जाए तो इसको किसी कांच के साफ बर्तन में बंद करके रखे। आप की क्रीम पूरी तरह से तैयार है।

जब कभी भी आप को दाद, खाज, खुजली और फंगल की शिकायत हो आप उस स्थान पर इस क्रीम को लगा ले और एक घंटे तक छोड़ दे। एक घंटे के बाद इसे अच्छे से धोकर साफ कर ले और वहा पर पपीते का दूध लगा ले। इस उपाय से 2 से 3 दिन में ही आपकी समस्या जड़ से खत्म हो जायेगी। इसके अलावा ये क्रीम चेहरे को भी सुन्दर और मुलायम बनाने का काम करती है। यदि आप किसी अन्य समस्या का समाधान चाहते है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखे आपकी पूरी सहायता की जायेगी।

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Jasmine है एक गुणकारी औषधी, जानिए इसके फायदे


आप सभी ने चमेली के बारे में जरूर सुना या देखा होगा। चमेली एक ऐसा फूल है जिसकी खुशबू दूर दूर तक फैल जाती है। आमतौर पर चमेली की बेल को घर के बाग-बगीचों में लगाया जाता है। ताकि उसके फूल से सारा घर और आंगन महकता है। आप लोग शायद एक बात नहीं जानते होंगे की चमेली एक आयुर्वेदिक औषधि भी है जिसका उपयोग आयुर्वेदिक औषधि के रूप में किया जाता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं चमेली का उपयोग किस तरह से और किस समस्या के समाधान के लिए किया जाता है। पूरी जानकारी के लिए पोस्ट को अंत तक पढ़े।

Jasmine Flower सफेद रंग का होता है जो बहुत ही ज्यादा खुशबूदार होता है। इसकी खुशबू के कारण ही इससे इत्र और सेंट भी बनाया जाता है। यदि आपके नाक के भीतर बार बार फोड़ा फुंसी निकल जाते हैं तो उसके लिए आप चमेली के ताजे फूलों को सूंघे। सुंघने में ये बहुत ही खुशबूदार होगा लेकिन इसकी खुशबू के कारण आपके नाक के फोड़े फुंसी ठीक हो जाएंगे।

यदि आपको बार बार मुंह के छाले होते हैं तो आप चमेली के पत्तों को पान की तरह चबाएं इससे मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। चमेली के पत्तों को उबाल कर उस से गरारे करने से मसूड़े मजबूत हो जाते हैं तथा उन से खून निकलना रुक जाता है।

चमेली के फूल का लेप आंखों के ऊपर लगाने से आंखों में हो रहे दर्द में आराम मिलता है। यदि वात विकार के रोगी चमेली का तेल का प्रयोग करें तो उनका रोग हमेशा के लिए ठीक हो सकता है। वात विकार के रोगियों के लिए चमेली की जड़ का लेप भी बहुत लाभदायक होता है। डिप्रेशन के शिकार लोगों को चमेली के तेल से सिर में मालिश कर आना चाहिए। इससे डिप्रेशन और मानसिक थकान दोनों दूर हो जाता है।

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