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भारत की आवाज

हमारा ब्लॉग आयुर्वेद से संबंधित है और हम हर प्रकार की बीमारियों के लिए आयुर्वेदिक सलाह देते हैं| यदि आपको बीमारियों से संबंधित आयुर्वेदिक उपचार की आवश्यकता है तो आप हमारा ब्लॉक फॉलो कर सकते हैं|

योग करने का सही समय कब होता है?

1. सुबह का समय सबसे उपयुक्त होता है 2. खाना खाने के कुछ घंटे बाद ही योग अभ्यास करें 3. योग शुरू करने के पहले खुद को तनावमुक्त और मन को शांत कर लें 4. चुने हुए समय पर ही नियम से योग करें 5. शरीर में आए बदलाव को अनुभव करने के लिए नियमित रूप से योग करें 6. योग का अभ्यास ज़्यादा न करें

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थाइराइड से पिडीत मरीज इस आैषधि का अचूक सेवन करें


➡ भारतमे लाखो मरीज हाइपर वं हाइपो थाइराइड से पिडीत है । आैर जिन्दगीभर थाइराइड की दवाइ खातै है । आयुर्वेदानुसार थाइराइड मंदाग्नि के कारन होने वाला रोग है आैर उसका मुख्य कारन कब्ज है अगर अग्निको प्रदिप्त कियां जाए तो थाइराइड ठ़िक हो जातां है ।

➡ हमारी यह दवाइ सोश्यल मिडीया के माध्यम से हमने लोगो के साथ शेयर की थी जिसमे हमे कइ मरीजो ने बतायां की वह अब बिल्कुल स्वस्थ है।

*आइए जाने कैसे बनाए थाइराइड को जड़ से समाप्त करने वाली आयुर्वेदिक आैषधि*

➡ ञिफला             100 ग्राम
➡ अश्वगंधा              50 ग्राम
➡ ब्राम्ही                  50 ग्राम
➡ सहिंजन के पत्ते     50 ग्राम
➡ मुलह़ठी               50 ग्राम
➡ कांचनार जड़        50 ग्राम
➡ दारुहरिद्रा             50 ग्राम

उपर दी गइ सभी चिजे पंसारी से लाकर साफ करदे फीर कपड़छान चूरन करके कांच की बोटल मे पैक करके रख लिजिए । सुबह शाम 1-1 चम्मच की माञामे खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ सेवन करीए । नियमित 3-4 महिने के सेवन से थाइराइड ठ़िक हो जातां है ।

यदि आप हमारे देश के  शहीदों को डोनेशन देना चाहते है तो किसी भी  विज्ञापन पर क्लिक करें। विज्ञापन  की कमाई का 30% शहीदों को दान दिया जाएगा।

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 किसी भी प्रकार की आयुर्वेदिक दवा मंगवाने के लिए आप हमें कमेंट बॉक्स में दवाई का नाम या बीमारी और अपना मोबाइल नंबर कमेंट करें

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए हमारे पूर्वज अपनाते थे यह चीज


पुराने जमाने में आंखों की रोशनी को एक बहुत ही गंभीर समस्या माना जाता था क्योंकि उस जमाने में खानपान और लोगों का रहन सहन बहुत अच्छा था। आज के दौर में लोगों का रहन-सहन और खान-पान बिल्कुल बदल चुका है। इस आधुनिक जीवन शैली पर आधुनिक खान-पान की वजह से हमारे शरीर पर इसका काफी असर पड़ा। आज के इस आधुनिक युग में बचपन से ही आंखों की रोशनी दुधली पड़ने लगती है और हमें चश्मा लगाना पड़ता है। पुराने समय में यह समस्या सिर्फ 70 या 80 साल के बुजुर्गों को ही होती थी। आज के इस आधुनिक युग में 70-80 साल तो इंसान की अधिकतम आयु होती है। आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए हमारे पूर्वज जिस चीज का प्रयोग करते थे आज हम उसी के बारे में आपको विस्तार से बताएंगे।

हम जिस चीज की बात कर रहे हैं वह चीज है सफेद मिर्च। आप सभी ने काली मिर्च के बारे में सुना होगा लाल मिर्च के बारे में सुना होगा हरी मिर्च के बारे में सुना होगा पर आज हम आपको सफेद मिर्च के बारे में बताएंगे। सफेद मिर्च को आंखों की रोशनी के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है क्योंकि इसमें बहुत सारे विटामिन और कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं।

पुराने समय में इस मिर्च के लड्डू बनाए जाते थे। इस लड्डू को औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता था। जिन लोगों को आंखों की समस्या होती थी उन लोगों को यह लड्डू खिलाया जाता था। यह लड्डू खाने के बाद आंखों की रोशनी धीरे-धीरे बढ़ने लगती थी। हमारे बुजुर्ग इसी तरीके से बिना डॉक्टर के अपना इलाज बहुत अच्छे तरीके से किया करते थे। यदि आप भी किसी समस्या का समाधान चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करें आपकी पूरी सहायता की जाएगी।

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त्वचा के दाग धब्बों को दूर कर शरीर को हमेशा सुंदर रखते है ये कैप्सूल


हमारे शरीर को सुचारू रूप से काम करने के लिए हमे विटामिन की जरूरत होती है। कई बार हमारे शरीर में विटामिन की कमी के कारण हमें बहुत बड़ी बडी बिमारियां हो जाती है। विटामिन की कमी का असर हमारे चेहरे पर भी देखने को मिलता है। विटामिन की कमी के कारण हमारे चेहरे पर दाग धब्बे और अन्य प्रकार के त्वचा रोग उत्पन्न हो जाते है। समय पर अगर शरीर में इन विटामिन की कमी को पूरा नही किया गया तो ये बिमारियां बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। अगर शरीर में विटामिन ई की कमी होती है तो हमारे चेहरे पर दाग धब्बे होने लगते है।

विटामिन ई के अलावा विटामिन ए और सी की कमी के कारण हमारी त्वचा रूखी हो जाती, हमारी स्किन फटने लगती है और हमारे स्किन पर दाग धब्बे होने लगते है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए हमें विटामिन ई का सेवन करना चाहिए। आप इसकी पूर्ति के लिए विटामिन ई वाले आहार के साथ साथ विटामिन ई की गोली का भी प्रयोग कर सकते है। यदि आप को इसकी अाप को इसकी अच्छी जानकारी ना हो तो आप दिन में एक गोली ले सकते है या डॉक्टर की सलाह भी ले सकते है
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इस कैप्सूल के खाने से खून की कमी दूर होती है। इसकी वजह से चेहरे के दाग धब्बे दूर होते है। शरीर की झुर्रियां भी दूर होती है जिससे शरीर सुन्दर दिखने लगता है। चेहरे पर दाग धब्बों की वजह से सबसे ज्यादा महिलाओं को दिक्कत होती है। जब भी आप के शरीर में ये असर दिखने लगे तो आप समझ लेना की आप के शरीर में विटामिन की कमी हो गई है। ऐसे में तुरन्त रक्त की जांच किसी अच्छे डॉक्टर से करवानी चाहिए। यदि आप किसी अन्य समस्या से परेशान है और उसका समाधान चाहते है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करें, आप की पूरी सहायता की जायेगी।

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टीबी से महिलाओं और पुरुषों में बांझपन का खतरा


टीबी एक खतरनाक बिमारी है। ये एक संक्रामक बिमारी है जिसको महामारी के रूप में भी जाना जाता है। दुनिया भर में बिमारी की वजह से मरने वालों में 10 प्रतिशत टीबी के मरीज होते है। टीबी का संक्रमण एक स्थान से दूसरे स्थान पर फैलकर उसे संक्रमित करता है जिसकी वजह से महिलाओं और पुरुषों में बांझपन का खतरा बढता जा रहा है। हर वर्ष लगभग 20 लाख लोग इस बिमारी से प्रभावित होते है। यह बिमारी मुख्य रूप से फेफडो से शुरू होती है और धीरे धीरे शरीर के अन्य भागों को भी संक्रमित कर देती है।

टीबी एक बहुत ही भयंकर बिमारी है जो फेफडे से शुरु होकर किडनी, पेल्विक, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाश्य और मस्तिष्क को भी संक्रमित कर देता है। जब यह संक्रमण पेल्विक तक पहुंच जाता है तो महिलाओं और पुरुषों में बांझपन का खतरा बढ़ जाता है। जब यह बिमारी महिलाओं को होती है तो उनके गर्भाशय की ट्यूब बहुत पतली हो जाती है जिसकी वजह से महिलाओं को गर्भ धारण करने में बहुत परेशानी होती है। पुरुषों में भी इसकी वजह से बांझपन का खतरा बढ़ जाता है।

शुरूआती दिनों में इसकी पहचान करना बहुत मुश्किल था। अब इस बिमारी की पहचान करना आसान हो गया है। इसकी शुरूआत फेफडे में होती है जिसकी वजह से इंसान को खासी की बिमारी हो जाती है। यदि किसी की खांसी 3 सप्ताह से ज्यादा रहती है तो तुरन्त अपने बलगम की जांच डॉक्टर से करवानी चाहिए। खासी कैसी भी हो वो 15 दिनों से ज्यादा नही रूकती है लेकिन जब टीबी का संक्रमण होगा तो वो ठीक नही होगा।

पहले इस बिमारी का इलाज संभव नहीं था लेकिन अब इस बीमारी का इलाज संभव है। कल सरकारी अस्पतालों में इसके लिए फ्री दवाई भी दी जाती है। आपको या आपके परिवार को भी इस तरीके की कोई समस्या है तो तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल में इसकी जांच करवाएं। यदि आप किसी अन्य समस्या से परेशान हैं तो मैं कमेंट बॉक्स में कमेंट करें आपकी पूरी सहायता की जाएगी।

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