जल ही जीवन है। जल के बिना जीवन की कल्पना भी नही की जा सकती है| हमारे शरीर का 75% भाग जल से बना है इसीलिए हमें भोजन से ज्यादा जल की आवश्यकता होती है। एक स्वस्थ मानव को प्रतिदिन 5 से 6 लीटर जल का पान करना चाहिए। कुछ परिस्थितियों में जल का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो जाता है। आज हम आपको उन परिस्थितियों के बारे में बताते हैं जो करने के बाद तुरंत जल का सेवन कभी नहीं करना चाहिए।
मैं नीचे उन परिस्थितियों के बारे में बताने जा रहा हूं चीन के तुरंत बाद जल का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है कई बार यह परिस्थितियां बहुत भयंकर परिणाम लाती है।
1. व्रत खोलते ही सबसे पहले जल का सेवन कभी ना करें।
2. मेहनत करने के तुरन्त बाद जल का सेवन ना करें
3. पसीना आते ही।
4. चलकर थक जाने के तुरन्त बाद।
5. भोजन करने के तुरन्त बाद।
6. चना खाने के बाद।
7. चाट खाने के बाद।
8. चाय पीने के बाद।
9. दूध पीने के बाद।
10. लघुशंका (मुत्र) के बाद।
11. शौच से आने के बाद।
12. सोते समय।
इन सभी परिस्थितियों में कभी जल का सेवन नही करना चाहिए, क्योंकि इन परिस्थितियों में शरीर के तापमान में और जल के तापमान में अन्तर होता है। ऐसी स्थिति में जल का सेवन करने से शरीक का तापमान असंतुलित हो जाता है और स्वास्थ्य खराब हो जाता है।
जल पीने के फायदे.........
सुबह उठ कर खाली पेट जल का सेवन करने से पेट की समस्या समाप्त होती है। इसके साथ ही यह शरीर के बढ़े हुए वजन को संतुलित करने में भी सहायता करता है।
ऐसा करने से शरीर में रक्त की बढोत्तरी होती है और त्वचा पर चमक भी बढ़ जाती है। सुबह खाली पेट जलपान करने से शरीर की भीतर जमा हुई गंदगी भी बाहर निकल जाती है।
सुबह खाली पेट पानी पीने से भूख ना लगने की समस्या भी दूर हो जाती है। इससे निरन्तर रहने वाला सिरदर्द पूरी तरह समाप्त हो जाता है।
नियम के साथ जल का सेवन करने से शरीर हमेशा स्वस्थ्य रहता है और आपको कभी वैद्धय की आवश्यकता नही पड़ती है। हर रोज कम से कम 5-6 लीटर जलपान करना चाहिए।







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