Android App

खट्टी डकारें आने से छुटकारा दिलाने वाले सबसे कारगर प्राकृतिक नुस्ख़े...


डकार आना एक आम समस्या है। इससे निजात पाने के लिए आपको जलन पैदा करने वाली चीज़ों को खाना कम करना होगा। साथ ही, भोजन में उन चीज़ों को शामिल करना होगा जो इसकी रोकथाम करके आपको राहत पहुंचाती हैं..

डकारें आना यानी कि गैस्ट्रोफेजियल रिफ्लेक्स (Gastroesophageal reflux) एक आम समस्या है। इसमें छाती में उस स्थान पर जलन और दर्द होता है जहां भोजन-नली (ईसोफेगस) अमशाय यानी पेट से जुड़ती है।

यह स्थिति तब पैदा होती है जब ईसोफेगस तक के मार्ग को नियंत्रित करने वाले वाल्व- ईसोफेजियल स्फिंक्टर में गड़बड़ी पैदा हो जाती है और यह भोजन को ठीक से पेट में ही रखने में नाकाम रहता है।

इसके अलावा, खाना भोजन-नली की ओर वापस लौटता रहता है। जब यह भोजन-नली की दीवारों पर रगड़ खाता है तो हमें जलन होती है और हम परेशान हो जाते हैं।

इस स्थिति का कारण ठीक से भोजन नहीं करना हो सकता है, जैसेः

लंबे समय तक भोजन न करना
एसिड की अधिक मात्रा वाले खाद्य का सेवन करना
ज़रूरत से ज़्यादा जलन पैदा करने वाली चीज़ें खाना जैसे कि चॉकलेट, मसाले या ज़्यादा फैट वाले खाद्य।
डकार आने के लक्षण

एसिडिटी यानी गैस्ट्रिक रिफ्लक्स या ईसोफेजियल रिफ्लक्स में दिखने वाले लक्षण बहुत आम हैं। इनमें शामिल हैंः

सीने में जलन
उल्टी आना
अनिद्रा
भूख न लगना
पेट में एसिडिटी
अगर गैस्ट्रिक रिफ्लक्स का ठीक से उपचार न किया जाए को इसके कारण हियाटल हर्निया (hiatal hernia) हो सकता है। इसमें डायफ्राम का नियंत्रक वाल्व ठीक से काम नहीं कर पाता है। जैसा कि हमने पहले बताया है, यह वाल्व भोजन का प्रवाह नियंत्रित करता है और उसे पेट से बाहर नहीं आने देता है..

हमारे आसपास बहुत से लोग यह जानते हैं कि कई शारीरिक समस्याओं का उपचार करने में प्रकृति में पाई जाने वाली चीज़ों के औषधीय गुण ज़्यादा कारगर होते हैं। इनमें दवाइयों की तरह कृत्रिम रसायन नहीं होते हैं और इस कारण ये और उपयोगी होती हैं।

इसके बावजूद, आप यह बात ध्यान में रखें कि ये प्राकृतिक नुस्ख़े पहले से जारी मेडिकल ट्रीटमेंट के सप्लीमेंट हैं और इन्हें पूरी तरह उनके स्थान पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। नीचे हम आपको कुछ ऐसे प्राकृतिक नुस्ख़ों के बारे में बता रहे हैं जिनसे आप डकार आने का उपचार कर सकते हैं।

मुलैठी की चाय (Licorice Tea)

मुलैठी के औषधीय गुण सीने में जलन, पेट में सूजन (गैस्टिराइटिस) और अल्सर का उपचार करते हैं।

सामग्री
1 ग्लास पानी (200 मिली.)
3 चम्मच मुलैठी (45 ग्राम)
आपको क्या करना चाहिए?
पानी को उबलने तक गर्म करें।
मुलैठी के बेहद महीन टुकड़े कर लें और इसे उबलते हुए पानी में डालें।
5 मिनट तक पानी में भीगने के लिए छोड़ दें। इसके बाद आंच से हटा दें और 15 मिनट तक बैठने दें।
इस पेय को दिन में दो बार पीयें।
सेब
इस फल के औषधीय गुणों का पूरा फ़ायदा उठाने का एक तरीका इसका काढ़ा बनाकर पीना है।

सामग्री
1 सेब
1 कप पानी (250 मिलीलीटर)
आपको क्या करना चाहिए?
एक छोटे भगौने में पानी लें और इसे उबलने के लिए आंच पर रखें।
बिना छिलका उतारे सेब के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें और इन्हें उबलते हुए पानी में डालें।
बर्तन को ढक दें और धीमी आंच पर 10 मिनट तक काढ़ा बनने दें।
तैयार पेय को कप में डालकर पियें।
आप इसे रोज़ाना तीन बार पी सकते हैं।
बेकिंग सोडा

सामग्री
1 ग्लास पानी (200 मिलीलीटर)
1 चम्मच बेकिंग सोडा (9 ग्राम)
आपको क्या करना चाहिए?
एक ग्लास पानी में बेकिंग सोडा डालें और अच्छी तरह मिलाएं।
पेय को दिन में एक बार पियें।
इसे भी पढ़ें:
8 लक्षण जो लीवर में टॉक्सिन जमा होने पर आपको परेशान करते हैं

एलोवेरा
एलोवेरा में एंटी-इन्फ्लामेटरी गुण होते हैं जो डकार आने में कमी लाने में मददगार हैं।

सामग्री
4 चम्मच एलोवेरा जेल (60 ग्राम)
1 ग्लास पानी (200 मिलीलीटर)
आपको क्या करना चाहिए?
एलोवेरा की एक पत्ती से जेल निकालें और इसे ब्लेंडर में एक ग्लास पानी के साथ मिलाएं।
छानकर पीने के लिए दें।
इस पेय को डकार आने या सोने से पहले पीने को दें।
अदरक
आप काढ़ा बनाकर इसके एंटी-इन्फ्लामेटरी गुणों का फ़ायदा उठा सकते हैं।

सामग्री
1 चम्मच अदरक की गांठ (15 ग्राम)
1 ग्लास पानी (250 मिलीलीटर)
आपको क्या करना चाहिए?
एक बर्तन में पानी उबालें। जब यह गर्म हो जाए तो अदरक के महीन टुकड़े कर लें।
उबलते हुए पानी में अदरक के टुकड़े डालें और 10 मिनट तक पड़ा रहने दें।
निर्धारित समय के बाद आप इसे पी सकते हैं।
आप इस पेय को दिन में एक बार पी सकते हैं।

इन्हें भी आजमाएं

आप कई अन्य नुस्ख़े भी आजमा सकते हैं। दूध जैसे ग्लूटामीन से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। ये छाती में जलन से राहत पहुंचाते हैं। ग्लूटामीन शरीर में पाया जाने वाला एक खनिज है जिसकी कमी से डकार आने की समस्या हो सकती है।

अधिक शारीरिक गतिविधियां करें। आपके एक्सरसाइज करने से शरीर चुस्त-दुरुस्त रहता है। भोजन अच्छी तरह पचता है। इससे एसिडिटी और शरीर के लिए बेकार टॉक्सिन कम करने में मदद मिलती है।

डकार आने से होने वाली परेशानी की रोकथाम के लिए स्वास्थ्यवर्धक आहार से दिन की शुरुआत करें। फैटी फूड खाने से परहेज करें।
लगातार शराब पीने या तंबाकू खाने से ईसोफेजियल कैविटी (भोजन-नली गुहा) को नुकसान पहुंचता है। इनका सेवन करने से बचने के अच्छे नतीजे आपको जल्द नज़र आएंगे।
अगर आपके लक्षण लगातार बने रहते हैं या बदतर हो जाते हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं आपको कोई अन्य बीमारी तो नहीं है।

दोस्तों अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया इसे अपने दोस्तों के साथ Facebook WhatsApp और Twitter पर शेयर करना ना भूलें। इसी तरह की और रोचक जानकारियों के लिए आप हमें फॉलो करें।

0 comments:

Post a Comment

Followers