वैसे तो माइग्रेन कई कारणों से होता है लेकिन इसका मुख्य कारण अधिक चिंता और मानसिक दुर्बलता है। कभी कभी मानसिक सदमा लगने से भी माइग्रेन की बीमारी घर कर जाती है। माइग्रेन महिला और पुरुष दोनों को ही होते हैं लेकिन सबसे ज्यादा कष्टदाई माइग्रेन महिलाओं को ही होता है।
इस बीमारी में सिर के आधे भाग में दर्द शुरू होता है और धीरे-धीरे पहनकर आंख नाक कान और मुंह तक आ जाता है। कई बार माइग्रेन का दर्द शुरू होने पर सिर चकराना और उल्टी भी आ जाती है।
माइग्रेन के लिए घरेलू उपचार
जब भी माइग्रेन का दर्द शुरू हो आप थोड़ा सा हींग ले और उसको पानी में घोल लीजिए इसके बाद उसे धीरे-धीरे करके कई बार सुनिए ऐसा करने से माइग्रेन का दर्द कम होने लगता है और धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है। इसके अलावा हींग और पानी का लेप बनाकर आप अपने माथे पर लगाएं यह भी माइग्रेन को खत्म करने में बहुत कारगर सिद्ध हुआ है।
लहसुन को कूटकर उसको निचोड़ है और उसका रस निकाल ले दर्द शुरू होने पर दो बूंद लहसुन का रस नाक में डालने। इसके साथ ही कुटे हुए लहसुन का लिप बनाएं और धीरे-धीरे अपने माथे पर लगाएं। यह भी माइक्रोन को खत्म करने में बहुत उपयोगी है।
माइग्रेन को बढ़ाने वाले कारक
1. अधिक तीखा जैसे मिर्च और अधिक घटा जैसे अचार का सेवन माइग्रेन को बढ़ा सकता है।
2. माइग्रेन के रोगी को पनीर का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। पनीर खाने से माइग्रेन और विकराल रूप धारण कर लेता है।
3. फास्ट फूड का पूरी तरह से त्याग कर दें। माइग्रेन के रोगी के लिए फास्ट फूड जहर के समान है।
4. यदि आपको माइग्रेन की शिकायत है तो आप भूलकर भी आलूबुखारा ना खाएं।
5. किसी भी प्रकार के नशे का सेवन माइग्रेन रोगी के लिए खतरनाक सिद्ध हो सकता है।
यदि आपका माइग्रेन का दर्द असहनीय हो जाता है और उस समय आप किसी भी प्रकार से उपचार लेने में सक्षम नहीं है तो आप सबसे पहले एक बर्तन में थोड़ा सा पानी ले और उसमें अपने दोनों हाथों को थोड़ी देर दबा कर रखें यह प्रिया भी माइग्रेन के दर्द को कम करती है।







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