गौमुञधनसत्व 20 ग्राम
गंधर्व हरितकी 350 ग्राम
अजवाइन 20 ग्राम
मुलेठी 50 ग्राम
सौठ 20 ग्राम
उपर बताई गई सभी वस्तुएं आप को किसी आयुर्वेदिक दुकान से मिल जाएगी। आप चाहे तो पतांजली स्टोर से भी ले सकते है। गौमुञधनसत्व (गौमुञ भस्म) आप को किसी भी गौशाला से आसानी से प्राप्त हो जाएगा। सभी को एक साथ अच्छे से मिक्स करके चूर्ण बना ले।
हर रोज रात को सोने से पहले एक चम्मच औषधी एक गिलास गुनगुने पानी के साथ ले। ध्यान रहे औषधी लेने के लिए पानी का ही प्रयोग करें, किसी अन्य पदार्थ का नही। औषधी लेने के बाद किसी खाने पीने की वस्तु का सेवन ना करे।
ये औषधी किसी भी उम्र के व्यक्ति ले सकते है। इस औषधी का पूरा असर आप को लगभग तीन माह में दिखने लगेगा।
यह औषधी किन - किन बिमारियो ली जा सकती है.....
चमड़े की झुर्रिया दूर करने के लिए, पाचन तन्त्र ठीक करने के लिए, गैस, एसिडीटी, बालों का गिरना, खून की कमी, गठिया, हड्डियों को मजबूत करने के लिए, आंखो की रोशनी बढाने के लिए, कब्ज, खून की कमी, कफ, ह्रदय की कमजोरी, थकान, स्मरण शक्ति, सुडौल शरीर, बहरापन, किसी एलोपैथी दवा का रिएक्सन, दातों की मजबूती, नपुंसकता, डायबिटिज।
इन सभी बिमारियों के लिए ये औषधी रामबाण उपचार है। इसका नियमित प्रयोग आप सभी को इन सभी बिमारियों से सदा के लिए छुटकारा दिला देगा। आप सभी से विनती है कि बिमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए कम से कम 6 माह तक इस औषधी का सेवन करे। आप चाहे तो और अधिक दिनों तक भी इस औषधी का सेवन कर सकते है।
आप सभी से विनम्र निवेदन है इस पोस्ट को पढ़ने के बाद अपने मित्रों के साथ जरूर शेयर करें। हमारा उद्देश्य इस जानकारी को उन लोगों तक पहुंचाना है जो इस बीमारी से लड़ रहे हैं और जिनके पास उपचार के लिए कोई बेहतर उपाय नहीं है।







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